#अंकिता_भण्डारी_के_हत्यारों_को_फाँसी_दो
~कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार का पुतला फूँक जताया आक्रोश
बाजपुर 28 दिसम्बर- उत्तराखण्ड की बेटी अंकिता भण्डारी हत्याकाण्ड की निष्पक्ष जाँच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई से कराने एवं दोषियों को फाँसी दिये जाने की माँग को लेकर कांग्रेसियों ने किसान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष स. हरमिन्दर सिंह ढ़िल्लन ‘लाडी’ व विधायक प्रतिनिधि डी.के.जोशी की अगुवाई में भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व पूर्व राज्यसभा सांसद दुष्यंत गौतम का पुतला फूँका। किसान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष स. हरमिन्दर सिंह ढ़िल्लन ‘लाडी’ ने सूबे की धामी सरकार को भ्रष्टाचारी व बलात्कारी सरकार करार देते हुए कहा कि जब सत्ता, पैसे और रसूख का अनैतिक गठजोड़ होता है, तब आम जनता की बेटियाँ कैसे सुरक्षित रहेंगी ? उन्होंने कहा कि, अंकिता हत्याकांड में भाजपा से जुड़े लोगों के माध्यम से जो नए तथ्य आए हैं उन्होंने देवभूमि के जनमानस को झकझोरकर रख दिया है। हत्यारे और हत्याकांड के कारक सीधे तौर पर भाजपा व सरकार के ताकतवर लोगों से जुड़े थे इसलिए अंकिता के परिवार, कांग्रेस और उत्तराखंड की जनता की पुरजोर मांग पर भी अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच नहीं हुई। नए तथ्यों से साफ हो गया है कि, अंकिता भंडारी की हत्या न कोई दुर्घटना थी, और न ही यह किसी एक व्यक्ति की मानसिक विकृति का मामला था। यह सत्ता संरक्षित दरिंदगी का उदाहरण था, जहाँ उत्तराखण्ड की एक बेटी ने सत्ता की दरिंदगी के आगे झुकने से इनकार किया। अंकिता को अपनी अस्मिता का सौदा न करने की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी। लाडी ने पूछा कि जो लोग संस्कार, धर्म,
मर्यादा और संस्कृति की ठेकेदारी करते हैं, उनके राज में ही बेटियाँ सबसे ज्यादा असुरक्षित क्यों हैं? उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुख्य कारण भाजपा संगठन से जुड़े अति विशिष्ट व्यक्ति को स्पेशल सर्विस देने का दबाव था। उन्होंने आरोप लगाया कि, राज्य की भाजपा सरकार द्वारा गठित एस.आई.टी. ने उस कथित अति विशिष्ट व्यक्ति को जाँच के दायरे से बाहर रखा। अब भाजपा जाति का सहारा लेकर उस अतिविशिष्ट व्यक्ति का बचाव कर रही है। अपराधी की जाति नहीं अपराध देखा जाता है। अंकिता हत्याकांड एक विभत्स अपराध है इस कांड में संलिप्त सभी अपराधियों को मौत से कम सजा नहीं मिलनी चाहिए थी। अंकिता का मामला राजनीति से ऊपर इंसानियत का प्रश्न है। अब कही प्रश्न उठे हैं इसलिए सरकार को ऐसे संवेदनशील मामले को एक बार और खोलकर इसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने के आदेश देने चाहिए। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य फुरकान रजा, मुंडिया पिस्तौर के ग्राम प्रधान स. हरमीत सिंह बड़ैच, कांग्रेस नगराध्यक्ष सत्यवान गर्ग, किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नवदीप सिंह कंग, कामरान खां, एडवोकेट सतनाम सिंह, महेश कुमार ‘आशू’, सुनील कुमार, आदित्य चानना, अनवर अली, सोनू सागर, भूपेन्द्र कौर बेदी, गोल्डी कंग, हामिद अली, सिंह स्वरूप भारती, अमीर अहमद, मौ. यवर, अभिषेक तिवारी, अजयदीप ढ़ौंढ़ियाल, राजेश पाठक आदि थे।











