पीपली वन में वन तस्कर हावी, वन कर्मी बेबस!
आए दिन मुठभेड़, अवैध कटान जारी, सुरक्षा पर सवाल
जनपद रामपुर की तहसील स्वार के मिलक खानम थाना क्षेत्र स्थित कुख्यात पीपली वन एक बार फिर गोलियों की आवाज़ से दहल उठा। गुरुवार देर रात वन तस्करों और वन कर्मियों के बीच फिर से फायरिंग की घटना सामने आई है।आधी रात को वन तस्कर जंगल में खैर सहित अन्य कीमती लकड़ी का अवैध कटान कर रहे थे। पेड़ गिरने की तेज आवाज सुनकर वन कर्मियों को शक हुआ और वे मौके पर पहुंचे। खुद को घिरता देख तस्करों ने पहले फायरिंग शुरू कर दी। वन कर्मियों ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसके बाद तस्कर लकड़ी और वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।पीपली वन में यह कोई पहली घटना नहीं है।आठ दिन पहले भी तस्करों और वन कर्मियों के बीच करीब एक घंटे तक मुठभेड़ चली थी।उस दौरान तस्कर बाइकें छोड़कर भागे थे, जिन्हें बाद में वापस ले जाया गया।लगातार हो रही फायरिंग से जंगल से सटे गांवों में भय और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय गोलियों की आवाज आम हो गई है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पीपली वन अवैध कटान के लिए बदनाम है, जब आए दिन मुठभेड़ हो रही है,तो फिर वन कर्मियों के पास पूरे और आधुनिक असलहे क्यों नहीं हैं?सूत्रों के मुताबिक, कई बार तस्कर ज्यादा हथियारों और संसाधनों के साथ जंगल में घुसते हैं, जबकि वन कर्मी सीमित संसाधनों में अपनी जान जोखिम में डालकर कार्रवाई कर रहे हैं।गुरुवार देर रात हुई फायरिंग की जानकारी पर मिलक खानम थाना पुलिस ने अनभिज्ञता जताई, जबकि वन विभाग ने तहरीर देने की बात कही है।इस मामले में डीएफओ सुरेश जोशी ने बताया—पीपली वन में तस्करों और वन कर्मियों के बीच फायरिंग का मामला प्रकाश में आया है। तहरीर दे दी गई है। वन टीम ने तस्करों को खदेड़ दिया है। एक पिकअप वाहन कब्जे में लिया गया है, उसके स्वामी की तलाश की जा रही है।”बड़ा सवाल पीपली वन में,तस्कर बेखौफ,अवैध कटान जारी,मुठभेड़ आम और वन कर्मी असुरक्षिततो क्या वन तस्करों पर लगाम लग पाएगी?या फिर पीपली वन यूं ही गोलियों की आवाज़ से दहलता रहेगा?











