23 साल बाद भी एक अदद प्रतिभा को तरस रही शहीद अंग्रेज सिंह रंधावा की समाधि
ग्राम पंचायत बांसखेड़ा में बनी शहीद अंग्रेज सिंह रंधावा की समाधि 23 साल बाद भी एक अदद प्रतिभा को तरस रही है इसे सरकार की नाकामी कहे या फिर सरकार की अन्देखी लेकिन हमारे लिए इससे ज्यादा शर्म की बात नहीं हो सकते जहां एक ओर नेता अपने भाषणों में शहीदों के नाम के नारे लगाते नहीं थकते प्रदेश के मुख्यमंत्री धामी जी बोलते हैं शहीदों के सम्मान में धामी जी मैदान लेकिन असल में कहानी कुछ और ही है
यहां तो बाजपुर के अमर शहीद अंग्रेज सिंह रंधावा की समाधि पर एक प्रतिभा तक नहीं लगा सके कहने को शहीद अंग्रेज सिंह रंधावा के परिवार को सरकार की ओर से दस एकड़ जमीन देने का वादा किया गया था जिसमें जिलाअधिकारी रूद्रपुर ने आदेश भी किया लेकिन आज तक उस जमीन से वंचित हैं शहीद का परिवार लगातार शहीद की बूढ़ी मां सरकार दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं लेकिन अधिकारियों के मनमानी ओर सरकार की अन्देखी से अब परिवार का सब्र टूट रहा है आज शहीद अंग्रेज सिंह रंधावा की बरसी पर भी किसी जनप्रतिनिधि को उनकी याद नहीं आई आखिर कब तक
न्याय के लिए दर दर की ठुकरे खाता रहेगा शहीद का परिवार











